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राफेल डील पर देश भर में आंदोलन शुरू करेगी कांग्रेस, संसदीय समिति से जांच की मांग
कांग्रेस राफेल विमान सौदे में कथित अनियमितता के मामले पर जल्द ही 'जनांदोलन' शुरू करेगी और इसके तहत देश के सभी जिला एवं प्रांतीय मुख्यालयों पर पार्टी धरना देगी। पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में शनिवार को हुई महासचिवों, राज्य प्रभारियों, प्रदेश अध्यक्षों और विधायक दल के नेताओं की बैठक में यह फैसला किया गया। बैठक के बाद पार्टी के मुख्य प्रवक्त रणदीप सुरजेवाला ने कहा, आज की बैठक में देश के राजनीतिक हालात पर चर्चा हुई।
AIMIM के पार्षद ने वाजपेयी की श्रद्धांजलि सभा का किया विरोध, BJP पार्षदों ने की धुनाई
औरंगाबाद नगर निगम सभागृह में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि सभा का विरोध करने पर एआईएमआईएम के पार्षद की धुनाई कर दी गई। औरंगाबाद नगर निगम सभागृह में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देने के प्रस्ताव का विरोध करने वाले एआईएमआईएम के पार्षद की बीजेपी पार्षदों की ओर से जमकर पिटाई कर दी। नाजुक स्थिति और तनाव को देखते हुए पुलिस ने घाटी अस्पताल के बाहर सुरक्षा व्यवस्ता कड़ी कर दी है।
वो भी दिन थे! बीजेपी की तीन धरोहर
तीन वर्षों तक सरकार चलाने के बाद 1980 में जनता पार्टी के नेताओं के बीच दरार पड़ गई जिसका नतीजा पार्टी की टूट के रूप में सामने आया। अटल−आडवाणी में इतनी अच्छी टियूनिंग थी कि उन्हें राम−लक्ष्मण की जोड़ी की उपमा दी जाती थी तो बीजेपी की त्रिमूर्ति के रूप में अटल−आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी का नाम लिया जाता था। पार्टी में एक धड़ा अटल की बजाय आडवाणी के नेतृत्व की दुहाई दे रहा था।
अटलजी के जाने के बाद टूट गये हैं आडवाणी, 65 वर्ष का साथ छूटना बहुत बड़ा गम
तब जीवनसाथी खोने के बाद अब आडवाणी ने अपना 65 वर्ष पुराने वरिष्ठ साथी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को खो दिया है। और यदि ऐसा था तो इसके पीछे असल में लालकृष्ण आडवाणी थे, जो हिंदुत्व के मूल जन नायक थे। अटल और आडवाणी की जोड़ी भाजपा को कांग्रेस-विरोधी राजनीति से निकाल कर राष्ट्रीय फलक के केंद्र में लेकर आई। वाजपेयी के निधन के बाद अब आडवाणी (90) भाजपा की उस पीढ़ी के दिग्गज नेताओं में अकेले बच गए हैं।
PAK पहुंचकर बोले सिद्धू- हिन्दुस्तान जीवे, पाकिस्तान जीवे, इमरान को देंगे खास गिफ्ट
पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में शनिवार को इमरान खान को प्रधानमंत्री निर्वाचित किया गया था। क्रिकेट से राजनीति में आये नवजोत सिंह सिद्धू अपने दोस्त और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बनने जा रहे इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने शुक्रवार को लाहौर पहुंच गए है। नीला सूट और गुलाबी पगड़ी पहने सिद्धू वाघा सीमा के जरिये लाहौर पहुंचे जहां से वह इस्लामाबाद जायेंगे। उन्होंने कहा कि वह भारत के सद्भावना दूत के रूप में मोहब्बत का पैगाम लेकर पाकिस्तान आये हैं।
अटल बिहारी वाजपेयी संगठन की विचारधारा से ऐसे घुले मिले थे जैसे 'दूध में शक्कर'-शिवसेना
देश के दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का सच्चा 'स्वयंसेवक' करार देते हुए शिवसेना ने कहा है कि वह संगठन की विचारधारा से ऐसे घुले मिले थे जैसे 'दूध में शक्कर' और उनकी ङ्क्षहदुत्व की विचारधारा छिपी नहीं थी। शिवसेना ने कहा है कि वाजपेयी की हिन्दुत्व की विचारधारा कभी छिपी नहीं थी।
वाजपेयी को सेकुलर श्रद्धांजलि!
अटल बिहारी वाजपेयी के लिए उनके जीवनकाल में कहा जाता था कि 'गलत पार्टी में सही आदमी हैं'। सब वाजपेयी के बहाने नरेंद्र मोदी को नसीहत देते दिख रहे हैं। पर इसी अनुपात में दूसरी पार्टियों के नेताओं और सेकुलर पत्रकारों ने भी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी है। सीमा चिश्ती और स्वामीनाथन एस अंकलेश्वर अय्यर ने भी वाजपेयी की तारीफ के पुल बांधे हैं। कांग्रेस से अलग हुए नटवर सिंह ने भी वाजपेयी की जम कर तारीफ की है।
वाजपेयी के निधन की सूचना देने की हड़बड़ी!
उन्होंने दोपहर में ही अटल बिहारी वाजपेयी के निधन का ऐलान कर दिया और श्रद्धांजलि भी दे दी। उन्होंने लिखा कि ऑल इंडिया टीवी पर देख कर उनको वाजपेयी के निधन की सूचना मिली थी और इसलिए उन्होंने श्रद्धांजलि दी। ढाई बजे के करीब दिन में डीडी न्यूज ने वाजपेयी के निधन की खबर चला दी। डीडी न्यूज का सौजन्य लेते हुए भाजपा और संघ से जुड़े रहे रजत शर्मा के चैनल इंडिया टीवी ने भी वाजपेयी के निधन की खबर का प्रसारण कर दिया।
अगस्त महीने में कितने महापुरुषों का निधन!
इस बार अगस्त का महीना कई महान हस्तियों के निधन का गवाह बना है। आधुनिक भारत के बेहतरीन राजनेताओं में से तीन का निधन इस महीने में हुआ है। वे पिछले नौ साल से आम लोगों की नजरों से दूर थे और पिछले दो महीने से तो एम्स में भरती थे। राजनीतिक से अलग खेल की दुनिया के सबसे चमकदार सितारों में से एक अजित वाडेकर का निधन भी इसी हफ्ते हुआ है। इंगलैंड और वेस्टइंडीज में उनकी कप्तानी में भारत ने मैच जीते थे।
एनआरआई वोट के लिए लड़ाई!
भारत में पार्टियां प्रवासी भारतीयों के वोट को खास महत्व देती हैं। नरेंद्र मोदी से लेकर अरविंद केजरीवाल, कैप्टेन अमरिंदर सिंह तक और केरल, आंध्र प्रदेश से लेकर महाराष्ट्र तक के नेता इस वोट के लिए खूब मेहनत करते हैं। अब प्रवासी भारतीयों को वोट डालने के लिए भारत नहीं आना होगा। वे अपने किसी जानकार, रिश्तेदार को अपना वोट डालने के लिए अधिकृत कर सकते हैं।
सरकार और न्यायपालिका में खींचतान
स्वा‍धीनता दिवस के मौके पर 15 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में झंडोतोलन के बाद हुए भाषण में सरकार और न्यायपालिका की ओर से जो तीर चले उनके बारे में आम धारणा थी कि यह भाषण का सामान्य हिस्सा है और इसकी कोई और व्याख्या नहीं होनी चाहिए। पर उसके अगले ही दिन अदालत में जस्टिस मदन बी लोकुर ने इसका परोक्ष इशारा करते हुए जो टिप्पणी की उससे लग रहा है कि सब कुछ ठीक नहीं है।
नई परंपरा बना रही है सरकार!
न्या‍यपालिका को लेकर ऐसा लग रहा है कि कुछ नई पंरपराएं बनाई जा रही हैं, जो जजों को रास नहीं आने वाली हैं। केंद्र सरकार ने भी ऐसा किया है और तमिलनाडु के राजभवन में भी ऐसा हुआ है। यह संयोग है कि वहां राजभवन में भाजपा के वरिष्ठ नेता बनवारी लाल पुरोहित राज्यपाल हैं। दूसरा मामला मद्रास हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस विजया कमलेश ताहिलरमानी के शपथ समारोह का है।
अनंत में विलीन हुए अटल, बेटी नमिता ने दी मुखाग्नि
पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न और बीजेपी के दिग्गज नेता अटल बिहारी वाजपेयी पंचतत्व में विलीन हो गए हैं। गुरुवार शाम पांच बजकर पांच मिनट पर नई दिल्ली के एम्स में पूर्व पीएम वाजपेयी ने अंतिम सांस ली। अटल बिहारी वाजपेयी को उनकी पुत्री नमिता भट्टाचार्य ने शाम पांच बजे मुखाग्नि दी। गुरुवार शाम से उनके पार्थिव शरीर को उनके आवास पर रखा गया था, जहां दिग्गज नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
सिर्फ व्यक्ति नहीं बल्कि अभिभावक थे जननेता अटल बिहारी वाजपेयी
युग पुरुष के महाप्रस्थान ने भारत के हर गहरा को आभास कराया कि यह प्राण केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि अभिभावक का है। करूणानिधि भले ही वैरिक रूप से उनके धुर विरोधी रहे लेकिन अटल जी के सामने वह भी जाते थे। महाकवि नीरज और अटल जी यह बरबस नही बल्कि बड़ी शिद्दत से एक नाम उभरता है पंडित गोपालदास नीरज का। भारत और माँ भारती के गीत गाते अटल बने थे नायक।
जब अटलजी ने सुनाई थी कविता- दूध में दरार पड़ गयी
उस पर लिखी अपनी कविता दूध में दरार पड़ गयी, खून क्यों सफेद हो गया, भेद में अभेद खो गया. भी अटल जी ने सुनायी। लखनऊ के सांसद होने के नाते वे प्रायरू लखनऊ आते भी थे। पता लगा कि प्रधानमंत्री के विशेष सुरक्षा दस्ते ने इतनी पतली गली में आने की अनुमति नहीं दी। प्रधानमंत्री रहते हुए वे लखनऊ में राष्ट्रधर्म के किसी विशेषांक का लोकार्पण करें, हमारी यह इच्छा भी अधूरी ही रही।
कई चीजें छूट गईं भाषण में!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले से दिए भाषण में कई चीजें छूट गईं। या कह सकते हैं कि उन्होंने जान बूझकर कई चीजें छोड़ दीं। प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान पर निशाना नहीं साधा। वे पिछले भाषण के बाद से चीन के प्रधानमंत्री से कम से कम तीन बार मिले हैं पर चीन का भी उन्होंने नाम नहीं लिया। ध्यान रहे हाल में खबर आई है कि भारत के नोट चीन में छप रहे है।
भाषण में 'मैं ही मैं हूं' का अंदाज!
इसे समझने के लिए उनके भाषण के तीन प्रसंग खासतौर से महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने साहित्यिक अंदाज में कहा 'आज हम देश में एक बड़ा बदलाव देख सकते हैं। एक नई ऊर्जा, नया संकल्प, नई प्रतिबद्धता और नया पुरुषार्थ देश को आगे ले जा रहा है'। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को संदेह था पर वे मक्खन पर नहीं, पत्थर पर लकीर खींचने वाले हैं।
दो गलत तथ्यों की हुई चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 82 मिनट के अपने भाषण में बहुत ज्यादा तथ्य पेश करने का प्रयास नहीं किया। उन्होंने तथ्य परोसने के लिए वैसी तैयारी नहीं की थी, जैसी लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देने के लिए की थी। इसलिए उन्होंने तथ्य कम रखे पर उनमें भी दो तथ्यों के गलत होने को लेकर चर्चा हो गई। उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन, डब्लुएचओ की रिपोर्ट के हवाले कहा कि स्वच्छता अभियान से तीन लाख बच्चों की जान बची है।

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