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सौर मंडल के बाहर मिले 100 नए ग्रह
वैज्ञानिकों ने हमारे सौर मंडल के बाहर 100 नए ग्रहों की खोज की है। ये हमारे सौर मंडल के बाहर अन्य तारों का चक्कर लगाने वाले ग्रह हैं। खगोलविदों ने नासा के केपलर स्पेस टेलीस्कोप के2 से जुटाए डाटा का अध्य्यन कर इन ग्रहों की खोज की पुष्टि की है। वैज्ञानिकों की टीम हमारे सौर मंडल के बाहर ऐसे पृथ्वी जैसे ग्रहों की खोज कर रही है। इस दौरान वैज्ञानिकों को इन ग्रहों की जानकारी मिली।
नासा की बड़ी कामयाबी, मंगल पर ढूंढे पानी के संकेत
नासा के मंगल मिशन को एक बड़ी कामयाबी मिली है। काफी लंबे वक्त से मंगल पर रिसर्च कर रहे उनके मार्स रोवर ऑपरट्यूनिटी को इस हफ्ते वहां 'चट्टान पर धारियों'का पता लगा है। इससे लाल ग्रह पर पानी, हवा व अन्य प्रक्रियाओं के होने के संकेत मिलते हैं। इस रोवर को मंगल पर 5,000 दिन पूरे हो चुके हैं। सेंट लुईस में वॉशिंगटन विश्वविद्यालय के ऑपरट्यूनिटी के उप मुख्य अनुसंधानकर्ता रे अरविडसन ने कहा, 'यह रहस्यमय है।
चांद पर जाना चाहती थीं हिलेरी क्लिंटन, लेकिन नासा ने यह कहकर भेजने से किया था इनकार
एक बार फिर इंसान चांद पर कदम रखने की तैयारी कर रहा है, हालांकि इस बार यह कारनामा एक महिला के नाम दर्ज हो सकता है। नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर की निदेशक के मुताबिक NASA में महिला अंतरिक्ष यात्रियों की भी अच्छी संख्या है। अमेरिका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कई बार इस बात का जिक्र किया है कि वो अंतरिक्ष यात्री बनकर चांद पर जाना चाहती थीं।
अंडे की सफेदी से कार्बन फ्री एनर्जी का निर्माण: खोज
जापान के एक वैज्ञानिक ने गुरुवार को दावा किया है कि उनकी टीम ने कार्बन फ्री एनर्जी के लिए एक नई खोज की है। वैज्ञानिक के अनुसार, अंडे के सफेद हिस्से का कार्बन फ्री एनर्जी के निर्माण में प्रयोग किया जा सकता है। बता दें कि हाइड्रोजन गैस का अधिकतम निर्माण इस वक्त जीवाश्म से बने खनिज जैसे कोयला आदि से उत्पादन होता है। उत्पादन की यह प्रक्रिया पूरी तरह से शुद्ध नहीं है जिसके कारण हानिकारक अवयव भी वातावरण में फैलने लगते हैं।
MBBS करने की सोच रहे हैं तो पहले खबर पढ़ लें, स्टूडेंट्स-पैरेंट्स हो सकते हैं परेशान
अगर वे एफएमजीई की परीक्षा पास नहीं करते हैं तो भारत में डॉक्टरी के लिए पंजीकृत नहीं होते पाते हैं. 7000 मेडिकल छात्र जाते हैं विदेश। अधिकारी ने बताया, ऐसे मामलों में वे गैर कानूनी रूप से डॉक्टरी का पेशा चलाते हैं जो खतरनाक हो सकता है। हर साल करीब 7,000 छात्र मेडिकल की पढ़ाई के लिये विदेश जाते हैं। अब बस ऐसे छात्र ही जा सकेंगे विदेश।
अब स्मार्टफोन बनेंगे नेत्रहीनों की 'आंख'
वैज्ञानिक ऐसी मोबाइल टेक्नोलॉजी डेवलप कर रहे हैं, जिसके सहारे नेत्रहीन लोग अपने स्मार्टफोन और टैबलेट के जरिए आसपास देख पाएंगे। ब्रिटेन स्थित लिंकलोन यूनिवर्सिटी में काम कर रहे कंप्यूटर विज़न और मशीन लर्निंग के विशेषज्ञों इस तकनीक पर काम कर रहे हैं। इसमें नेत्रहीनों को कंपन, आवाज या बोले जाने वाले शब्द के सहारे आसपास की स्थिति के बारे में जानकारी दी जाएगी।
आ रहा है वायरलेस चार्जर, बिना प्लग इन किए चार्ज होंगे फोन
अपना फोन और लैपटॉप चार्ज करने के लिए अब आपको सॉकेट ढूंढने की जरूरत नहीं होगी। शोधकर्ताओं ने एक वायरलेस पावर ट्रांसफर (डब्ल्यूपीटी) तकनीक विकसित की है, जो कि एक सीमित दूरी से आपके फोन को चार्ज कर सकती है। कोरिया एडवांस्ड इस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नॉलॉजी (केएआईएसटी) के शोधकर्ताओं द्वारा विकसित यह तकनीक ठीक उसी तरह काम करती है जिस तरह इंटरनेट कनेक्शन के लिए वाई-फाई तकनीक काम करती है।
16 लाख किलोमीटर की दूरी से ली गई पृथ्वी की यह 'शानदार' तस्वीर
डीप स्पेस क्लाइमेट ऑब्जर्वेटरी (DSCOVR) उपग्रह पर लगे नासा (NASA) के एक कैमरे ने अंतरिक्ष से 16 लाख किलोमीटर की दूरी से पृथ्वी की एक रोचक तस्वीर खीची है। EPIC ने अलग-अलग वेभलेंथ (wavelength) में इंफ्रारेड से लेकर अल्ट्रावाइलेट लाइट में पृथ्वी की 10 अलग-अलग तस्वीरें खीची हैं। NASA के प्रशासक चार्ली बोल्डन ने एक बयान में कहा, DSCOVR से ली गई हमारी ग्रह की इन तस्वीरों से अंतरिक्ष से पृथ्वी के अवलोकन का लाभ मिलता है।
मिल गया पृथ्वी जैसा दूसरा ग्रह और सूरज का 'भाई'
ये ग्रह G2 नाम के सितारे की परिक्रमा कर रहा है और इन दोनों के बीच भी उतनी ही दूरी है, जितनी पृथ्वी और सूर्य के बीच। वैज्ञानिकों के मुताबिक, ये नया ग्रह हमारी पृथ्वी से 1,400 प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है। इस ग्रह पर समुद्र व ज्वालामुखी भी हैं और इसका गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी से दोगुना है। इसे पृथ्वी का 'बड़ा भाई' और G2 को सूर्य का 'भाई' करार दिया गया है।
मंगल ग्रह पर पानी मौजूद, नासा ने किया खुलासा
एजेंसी के यान ने मंगल ग्रह पर खारे पानी के मौसमी प्रवाह के पुख्ता सबूत इकट्ठा किए हैं। युनिवर्सिटी ऑफ एरिजोना में प्लैनेटरी जियोलॉजी के प्रोफेसर अल्फ्रेड एस.मैकएवेन के मुताबिक, अध्ययन दल ने मंगल ग्रह पर पानीयुक्त अणुओं (परक्लोरेट) की पहचान की है। डॉक्टर मैकएवेन ने उल्लेख किया, मंगल ग्रह पर खारे पानी का स्पष्ट तौर पर पता चला है। लगभग 4.5 अरब साल पहले मंगल ग्रह पर अभी की तुलना में साढ़े छह गुना अधिक पानी और एक स्थूल वायुमंडल था।
'मार्स ऑरबिटर मिशन' का हिंदी एटलस सरकार ने किया रिलीज
केंद्र सरकार ने आज कहा कि हिंदी भाषा की मदद से अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों को देशभर में प्रसारित किया जा सकता है। इस मौके पर केंद्र सरकार ने पहली हिंदी एटलस किताब को भी रिलीज़ किया जिसमें "मिशन मार्स" का ज़िक्र है। हिंदी की मदद से देश के अंदर अंतरिक्ष मिशन की सफलता का प्रचार-प्रसार किया जा सकता है, खासकर मार्श ऑर्बिटर मिशन के बारे में।
इस साल आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर मार्क ज़करबर्ग देंगे ध्यान
फेसबुक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क ज़करबर्ग आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) पर विशेष जोर देना चाह रहे हैं। वह अपने घर और कार्यालय की व्यवस्था में भी इसका उपयोग करना चाह रहे हैं। उन्होंने सोमवार को फेसबुक पर कहा, 2016 के लिए मैंने सोचा है कि अपने घर और कार्यालय में मैं सरल एआई का उपयोग करूंगा। मैं इसे यह प्रशिक्षण दूंगा कि वह डोरबेल बजाने पर दोस्तों को उसका चेहरा पहचान कर अंदर आने दे।
अपना GPS पाने के करीब पहुंचा भारत, IRNSS-1E नेविगेशन सेटलाइट लॉन्च
भारत ने बुधवार को श्रीहरिकोटा स्थित अंतरिक्ष केंद्र से अपने पांचवें नौवहन उपग्रह आईआरएनएसएस-1ई का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया। प्रक्षेपण ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) से सुबह 9.31 बजे किया गया। इस प्रक्षेपण के साथ भारत उन चुनिंदा देशों के समूह में शामिल हो गया है, जिनके पास अपनी खुद की उपग्रह नौवहन प्रणाली है। अधिकारियों के अनुसार, सात उपग्रहों के लांच को पूरा करने के क्रम में जल्द ही दो और नौवहन उपग्रहों को लांच किया जाएगा।
सच साबित हुई आइंस्टीन की भविष्यवाणी, वैज्ञानिकों ने गुरुत्वीय तरंगों की खोज की
अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में उस समय खुशी की लहर पैदा हो गई, जब वैज्ञानिकों ने यह घोषणा की कि उन्होंने अंतत: उन गुरुत्वीय तरंगों की खोज कर ली है, जिसकी भविष्यवाणी आइंस्टीन ने एक सदी पहले ही कर दी थी। वैज्ञानिकों ने इसे एक महान उपलब्धि करार देते हुए इसकी तुलना उस क्षण से की है, जब ग्रहों को देखने के लिए गैलीलियो ने दूरदर्शी यंत्र का आविष्कार किया था।
नासा ने दी कम शोर वाले सुपरसोनिक यात्री विमान को मंजूरी
अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने आखिरकार कम आवाज पैदा करनेवाले सुपरसोनिक यात्री विमान के प्रारंभिक बनावट को मंजूरी दे दी, ताकि लोग अविश्वसनीय रफ्तार से उड़ान भर सकें। नासा के वित्तवर्ष 2017 में शुरू होने वाले नए उड्डयन पहल 'एक्स सीरीज' का यह पहला विमान होगा। विमानन क्षेत्र की कंपनी लाकहीड मार्टिन को शांत सुपरसोनिक तकनीक (क्यूएसएसटी) वाले यात्री विमान के प्रारंभिक बनावट के 2 करोड़ डॉलर का ठेका दिया गया है।
इसरो के किया छठे नौवहन उपग्रह का सफल प्रक्षेपण
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने छठे नौवहन उपग्रह आईआरएनएसएस-1एफ का गुरुवार शाम एक भारतीय रॉकेट के माध्यम से सफल प्रक्षेपण किया। 44.4 मीटर लंबे व 320 टन वजनी ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) के एक्सएल संस्करण रॉकेट ने उपग्रह के साथ शाम चार बजे उड़ान भरी। भारतीय क्षेत्रीय नौवहन उपग्रह प्रणाली (आईआरएनएसएस) के तहत कुल सात उपग्रह हैं, जिनमें से आईआरएनएसएस-1ए, आईआरएनएसएस-1बी आईआरएनएसएस-1सी, आईआरएनएसएस-1डी, आईआरएनएसएस-1ई को पहले ही कक्षा में स्थापित किया जा चुका है।
डोमिनोज ने पेश किया दुनिया का पहला पिज्जा डिलीवरी रोबोट
ऑस्ट्रेलिया की पिज्जा कंपनी 'डोमिनोज' ने दुनिया का पहला पिज्जा डिलीवरी रोबोट पेश किया है। यह वाहननुमा रोबोट तय जगह पर पिज्जा डिलिवरी करने के लिए लेजर्स का इस्तेमाल करेगा और डिलिवरी के बाद उपभोक्ताओं से पैसे भी ले सकेगा। डोमिनोज ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी(सीईओ) और प्रबंध निदेशक डोन मीज ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि यह रोबोट नए अवसरों को जन्म देने की शुरुआत कर रहा है।
थोड़ी सी अमेरिकी मदद के साथ चंद्रयान-2 पूरी तरह देशज अभियान होगा: इसरो
भारत ने चंद्रयान-2 की अपनी महत्वाकांक्षी परियोजना में 'एकला चलो' का रूख अपनाते हुए रूस के साथ कोई रिश्ता नहीं रखने का फैसला किया है और इस तरह अमेरिका की "थोड़ी" सी मदद के साथ यह एक देशज परियोजना होगी। भारत ने रूस को इस परियोजना से हटा दिया। अब यह एक देशज परियोजना होगी, अलबत्ता अमेरिका की थोड़ी सी मदद के साथ। गौरतलब है कि 1974 और 1998 में भारत के परमाणु परीक्षणों के बाद दोनों एजेंसियों के बीच गठबंधन रूक गया था।
उत्पाद ही नहीं पैकेजिंग भी होगी स्मार्ट, इलेक्ट्रॉनिक स्क्रीन तकनीक की हुई खोज
डिजिटल कहे जाने वाले इस युग में अब जल्द ही तकनीक का एक नया और अनोखा नजारा देखने को मिलेगा। भविष्य में उत्पादों की साधारण पैकेजिंग में इलेक्ट्रॉनिक स्क्रीन का उपयोग किया जाएगा, जो आपको उत्पाद से संबंधित सभी महत्वपूर्ण सूचना मुहैया कराएगी। ब्रिटेन की युनिवर्सिटी ऑफ शेफील्ड के वैज्ञानिकों ने एक कागज की पैकेजिंग में इलेक्ट्रॉनिक स्क्रीन संलग्न करने का एक नया तरीका खोजा है, जिसमें उपभोक्ताओं के लिए साधारण संदेश निहित होंगे।
इसरो 28 अप्रैल को लॉन्च करेगा अंतिम नौवहन उपग्रह
पृथ्वी की कक्षा में भारत का सातवां और अंतिम नौवहन उपग्रह 28 अप्रैल को छोड़ा जाएगा। इसके बाद भारत का संपूर्ण उपग्रह नौवहन प्रणाली तैयार हो जाएगा। पीएसएलवी को 28 अप्रैल को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से छोड़ा जाएगा, जो यहां से 80 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। अब तक भारत ने अपना उपग्रह नौवहन प्रणाली तैयार करने के लिए छह क्षेत्रीय नौवहन उपग्रह छोड़े हैं, जिनके नाम हैं आईआरएएसएस-1ए, 1बी, 1सी, 1डी, 1ई और 1 एफ।

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