facebook pixel
chevron_right Health
transparent
Health Explainer: नारियल पानी में आखिर ऐसा होता क्या है, जो देता है सैकड़ों फायदे
कद्दूकस किए नारियल से निकलने वाले दूध से मिठाई बनाई जा सकती है और सब्जी की ग्रेवी में क्रीमी स्वाद दिया जाता है। नारियल पानी में भरपूर मात्रा में कार्बोहाइड्रेट और इलैक्ट्रोलाइट्स पाए जाते हैं जो शरीर में पानी की कमी को पूरा करते हैं। पानी की कमी को दूर करना, इलैक्ट्रोलाइट्स को बनाए रखना और बच्चे को पूरा पोषण देने में नारियल पानी लाभकारी है।
Health Explainer: कितना देसी घी खाएं? जो वजन भी घटाए और स्वस्थ भी रखे
बच्चे (4-5 साल) और टीनेज की उम्र के लोगों को 2-3 चम्मच (15-20 ग्राम) देसी घी लेना चाहिए। प्रेग्नेंट महिलाओं को और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को 2-3 चम्मच (15-20 ग्राम) देसी घी लेना चाहिए। देसी घी में ओमेगी-3 और ओमेगा-9 फैटी एसिड पाए जाते हैं जो स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद हैं। घी को गुनगुना करें और उंगलियों के पोरुए से बालों के सिरों पर हल्के हाथ से देसी घी लगाएं।
Health Explainer: क्यों नहीं पीना चाहिए खड़े होकर पानी, जानें इसके पीछे का विज्ञान
पानी पीने से शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं और इंफ्लेमेशन, गंदे वायरस शरीर में नहीं रुकते। बात आती है पानी की मात्रा की, तो रोज दो से ढ़ाई लीटर पानी पीना आपकी सेहत के लिए आवश्यक है। खड़े होकर पानी पीने के कई नुकसान होते हैं जिनमें से एक है किडनी की बीमारी और दूसरी अर्थराइटिस की समस्या। सबसे पहले है- पेट की बीमारी- खड़े होकर पानी पीने से तेजी से पानी फूड पाइप द्वारा पेट में जाता है।
Health Explainer: सेहत के लिए क्या बेहतर है- साबुत फल या फलों का जूस, जानें सही जवाब
सेहत के लिए क्या जरूरी और फायदेमंद है। फल या फलों का जूस? वैसे तो माना जाता है कि फलों के जूस के मुकाबले फल ज्यादा लाभकारी होते हैं। लेकिन ये पुख्ता तौर पर कहना ज़रा मुश्किल है। बेवक्त भूख लगने पर लोग फलों का जूस पीना पसंद करते हैं ये सोचकर कि इससे फायदा मिलेगा। फलों के जूस में फाइबर नहीं है तो ये आपके किसी काम का नहीं। सिर्फ पेट भर सकने लायक है।
Health Explainer: इन 5 फूड्स से चुटकियों में घटेगा वजन, तरीका यहां जानें
उनमें मौजूद तत्व, किन बीमारियों से बचाते हैं और किस तरह वजन घटाने में मदद करते हैं। शरीर में मौजूद हर सेल को हाइड्रेट करेगा और रात में 8 से 9 घंटे की नींद के बाद, डिहाइड्रेट हुई बॉडी को हाइड्रेट करेगा। ये दोनों ही चीजें त्वचा में निखार लाने के साथ शरीर में पानी की कमी को दूर करती हैं। हाई फैट डेयरी उत्पाद- डायट में फुल फैट दूध और दही का सेवन करने से भी वजन बढ़ाया जा सकता है।
Health Explainer: खाली पेट आंवला जूस घटाता है वजन, जानें इसके सैकड़ों फायदे
सुबह खाली पेट गुनगुने पानी के साथ आंवला जूस लेने से वजन घटाया जा सकता है। आंवला जूस और शहद मिलाकर खाली पेट इसका सेवन करें। मुंहासों के काले दाग-धब्बों को साफ करने के लिए रुई पर आंवला जूस लें और चेहरे पर लगाएं। आयुर्वेद के अनुसार सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में दो चम्मच आंवला जूस सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। जैसा की पहले भी बताया गया है कि गोली जितने आंवला में विटामिन-सी होता है।
Street Food ज़ायकाः मिलिए उस पान वाले से जिसकी दुकान पर चाचा नेहरू भी रोज खाते थे पान
उस दौरान वे बैंक में काम करते थे और शाम को पान लगाते थे। वे लोगों को तंबाकू से हटाकर मीठे पान की तरफ ला रहे थे। सन् 1954 तक पान वाले के साथ-साथ पान इतना मशहूर हुआ कि उसकी मांग राष्ट्रपति भवन से की जाने लगी। दादा की विरासत को संभालने में पिताजी की ज़िंदगी लग गई और फिर हमारा जन्म हुआ। उन्होंने बिनती भी की कि माधुरी जी ने जो पान खाया उसका नाम माधुरी पान रख लीजिए।
Health Explainer: खाली पेट नहीं पीनी चाहिए ग्रीन-टी, जानिए क्या कहता है साइंस
ताजा ग्रीन-टी के पत्तों को तुरंत स्टीम (भाप में उबालना) किया जाता है जिससे ये जल्दी खराब न हो। इसमें मौजूद पॉलीफिनॉल नष्ट न हों और व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी फायदे मिल सकें, इसलिए ये क्रिया दोहराई जाती है। ये एक प्रकार का अमीनो एसिड होता है जो स्ट्रेस कम करने और दिमाग शांत रखने में मददगार है। नैशनल कैंसर इंस्टीट्यूट का कहना है कि ग्रीन-टी में पाए जाने वाले पॉलीफिनॉल, ट्यूमर के खतरे को कम करता है।
Health Explainer: वजन कम करने वाली ग्रीन-टी नहीं पीनी चाहिए खाली पेट, जानिए क्या कहता है साइंस
लेकिन इनमें से आज आप जानेंगे ग्रीन-टी के फायदे, नुकसान, इसे पीने का सही समय और वजन घटाने में किस तरह मदद करती है ग्रीन-टी। ताजा ग्रीन-टी के पत्तों को तुरंत स्टीम (भाप में उबालना) किया जाता है जिससे ये जल्दी खराब न हो। ये एक प्रकार का अमीनो एसिड होता है जो स्ट्रेस कम करने और दिमाग शांत रखने में मददगार है। नैशनल कैंसर इंस्टीट्यूट का कहना है कि ग्रीन-टी में पाए जाने वाले पॉलीफिनॉल, ट्यूमर के खतरे को कम करता है।
इस फली को खाने से दूर होती है बीमारियां, जानें फायदे
इस बींस में सिर्फ एक चौथाई कप हर रोज़ अपनी डाइट में शामिल करने से बॉडी को कई ज़रूरी न्यूट्रिएंट्स मिलते हैं, आइए जानते है इसके फायदे। फावा बींस की गिनती हरी सब्जियों में होती है। कुछ लोग इस फली को उबालकर खाते है तो कुछ भूनाकर खाते है। इसे दूसरी सब्जियों के साथ मिलाकर भी खा सकते हैं। भारत में मणिपुर और कर्नाटक में इस फली का खूब सेवन किया जाता है।
विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस: ऐसी ख़तरनाक बीमारी जिसमें जोर से छींकने भर से टूट जाती हैं हड्डियां
ऑस्टियोपोरोसिस एक ऐसी बीमारी है जो ज़्यादातर उन लोगों को होती है जिनकी उम्र 50 साल से अधिक होती है। हड्डियां इतनी कमज़ोर हो जाती हैं कि मरीज के ज़ोर से छींकने भर से टूट सकती हैं। पूरी दुनिया में 20 अक्टूबर के दिन विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस मनाया जाता है। इसके अलावा भी ऑस्टियोपोरोसिस होने के कई कारण हैं। जो लोग नियमित रूप से व्यायाम नहीं करते हैं उन्हें भी ऑस्टियोपोरोसिस का समस्या हो जाती है।
विटामिन A के अत्याधिक सेवन से हड्डियां कमजोर होने का खतरा, रिपोर्ट में खुलासा
विटामिन 'ए' के अत्याधिक सेवन से हड्डियों का घनत्व कम हो सकता है जिससे हड्डियों के कमजोर होने के साथ-साथ ही उनके टूटने का खतरा बढ़ जाता है। अध्ययन में पाया गया कि इंसानों में विटामिन ए की अनुशंसित प्रतिदिन खुराक (आरडीए) से 4.5 से 13 गुना ज्यादा एवं निरंतर सेवन से हड्डियों में बहुत ज्यादा कमजोरी आ जाती है।
पिछले एक दशक में सी-सेक्शन से जन्म लेने वाले मामले दोगुने हुए
एक नए अध्ययन से पता चला है कि भारत में ऑपरेशन के जरिए बच्चों को दुनिया में लाने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। साथ ही यह भी पता चला है कि विश्वभर में वर्ष 2000 से 2015 के बीच सर्जरी के जरिए बच्चों के जन्म के मामले लगभग दोगुने हो गए हैं। शोधकर्ताओं ने बताया कि भारत में 2005-6 में सी-सेक्शन के मामले नौ प्रतिशत थे जो 2015-16 में बढ़ कर 18.5 प्रतिशत पर पहुंच गए।
आपकी हेल्थ की पल-पल की जानकारी देगा एक स्टिकर, जानिए इसकी खासियत
वैज्ञानिकों ने एक ऐसा इलेक्ट्रानिक यंत्र विकसित किया है जिसे त्वचा में लगा कर पहनने वाले व्यक्ति को भी उसके स्वास्थ्य के प्रति होने वाले संभावित खतरे के बारे में फौरन बताया जा सकता है। पत्रिक "एडवांस्ड मैटीरियल्स और इंटरफेस" में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक ये 'स्मॉर्ट स्टीकर्स' सैल्यूलोज से बने हैं और जैव संगत हैं।
सर्दियों में खाएं रोजाना सिंघाड़ा, सेहत को होंगे कई फायदे
मौसम बदलने के साथ ही उस खास मौसम से जुड़े फल और सब्ज़ियाँ बाज़ार में चारो और देखने को मिलती हैं। इन मौसमी फलों का सेवन करने से हमारे शरीर को कईं तरह के फायदे होते हैं। सिंघाड़ा सर्दियों के मौसम में खाया जाने वाला फल है, ये कई पौष्टिक गुणों से भरपूर होता है। इसके अलावा इसमें कई खनिज जैसे फास्फोरस, मैंगनीज, कैल्शियम, डाईटरी फाइबर, मैग्नीशियम, पोटेशियम, आयोडीन, सोडियम और जिंक पाए जाते हैं। आइए जानते है सर्दियों में सिंघाड़ा खाने के फायदे।
महिलाओं के लिए खास व्यायाम
भले ही महिलाओं अपनी खूबसूरती और फिटनेस को लेकर कितनी भी जागरूक क्यों न हों, पर बात जब अपना खयाल रखने की आती है तो घर और बाहर के कामों को संभालते-संभालते वे भूल ही जाती हैं कि व्यायाम उनकी फिटनेस का कितना अहम हिस्सा है। ऐसे में कुछ आसान एक्सरसाइज (व्यायाम) हैं जिनको अगर जरूरत के अनुसार दिनचर्या में शामिल किया जाए, तो छरहरी काया हमेशा बरकरार रहेगी। आज कल कोई भी flabby, जिग्गी अंडरर्म त्वचा चाहता है। जबकि उम्र, गुरुत्वाकर्षण, आहार और अभ्यास की कमी अतिरिक्त अंडरआर्म त्वचा विकसित करने में एक भूमिका निभाती है, वहीं ऐसे उपाय हैं जिन्हें आप भयानक लटकते हुए फ्लैब से लड़ने के लिए ले सकते हैं। इस वीडियो के जरिए आप को अंडरआर्म के नीचे लटकती चर्बी से निजात पा सकते हैं।
जिले और गांव में भी होगा कैंसर का इलाज, ये है सरकार की नई योजना
अब छोटे शहर, गांव, जिले और कस्बों में भी कैंसर जैसी बीमारी का इलाज हो सकेगा। जी हां सरकार जिलों के अस्पतालों में भी इन बीमारियों के इलाज की सुविधा लेकर आ रही है। इस गाइडलाइन के आधार पर जिलों के अस्पतालों में प्राइवेट अस्पतालों की मदद से इन बीमारियों का इलाज हो सकता है। WHO की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 61 फीसदी मौतें एनसीडी से होती है।
गैस चैंबर में तब्दील हुई दिल्ली की आबोहवा, सांस लेना तक हुआ दूभर
दिल्ली में वायु की गुणवत्ता इस मौसम में पहली बार 'बहुत खराब' श्रेणी की हो गई है और राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर गंभीर हो गया है। इनके तहत वायु गुणवत्ता को और बिगड़ने से रोकने के लिये कई उपाय अमल में लाए जाते हैं। वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान और शोध प्रणाली की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली का संपूर्ण वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 315 रिकॉर्ड किया गया।
आपको स्लिम बनाने के साथ-साथ स्वस्थ रखने में मदद करेंगे ये टिप्स
मोटापा बहुत सी बिमारियों को तो आमंत्रण देता ही है साथ-साथ आपके शरीर को बैडोल और भद्दा भी दिखाता है। लेकिन आजकल के समय में मोटापा एक आम समस्या बनता जा रहा है। 5 में से हर 3 व्यक्ति इस समस्या से ग्रसित दिखाई देते है। गर्दन और पेट का अचानक मोटा होना की मोटापे के खास लक्षण होते है। मोटापा शरीर में आए हॉर्मोन के असंतुलन, किसी बिमारी, खान-पान में बदलाव और रहन सहन की गलत आदतों की वजह से होता है। गर्दन और पेट से शुरू होने के बाद ये धीरे-धीरे शरीर के अन्य हिस्सों पर भी दिखने लगता है। जैसे की कुल्हे, कमर आदि। पुरुषों की तुलना में महिलाएं इस समस्या से अधिक परेशान रहती है कारण बढती उम्र और अव्यवस्थित खान-पान। जिसके कारण शरीर के अन्य हिस्सों के साथ-साथ कमर पर भी चर्बी इकट्ठी होने लगती है। कमर के आसपास बढ़ी हुई चर्बी किसी को भी अच्छी नहीं लगती और वैसे भी आज कल जमाना काफी बदल गया है महिलाएं और लड़कियां सभी अपनी कमर को पतला और स्लिम बनाना चाहती है। ऐसे में कमर पर चर्बी इकठ्ठा होना आपको खराब दिखा सकता है लेकिन आप चिंता ना करें आज हम आपके लिए इस वीडियो के जरिए लेकर आए हैं कुछ खास टिप्स जो आपको चर्बी घटाने में तो मदद करेंगे साथ ही आप आकर्षक भी नजर आएंगी। ये आपको स्लिम बनाने के साथ-साथ स्वस्थ रखने में भी मदद करेंगे।
सर्दियों में खाएं भूने हुए तरबूज के बीज, वेटलॉस होगा और हेल्‍दी र‍हेगा दिल
वैसे तरबूज तो गर्मियों का फल है लेकिन आपके इसके बीज पूरे साल खा सकते हो। सर्दियों में मूंगफली और अलग-अलग बीजों की लगने वाली रेहड़ियों पर आपने तरबूज के बीज भी देखे होंगे जो हल्‍के-हल्‍के भूने और सेंके हुए होते है। ये न सिर्फ खाने में स्‍वादिष्‍ट लगते हैं बल्कि ये सेहत के लिहाज से भी बहुत फायदेमंद होते है। आप चाहे तो इन बीजों को किसी भी समय खा सकते हैं।

Want to stay updated ?

x

Download our Android app and stay updated with the latest happenings!!!


90K+ people are using this