facebook pixel
chevron_right Science
transparent
बियर पर भी पड़ेगा ग्लोबल वॉर्मिंग का असर, 3 गुना तक होगी महंगी: स्टडी-Navbharat Times
ग्लोबल वॉर्मिंग जो अबतक सिर्फ दुनिया के तापमान पर असर डाल रही थी, उसका प्रभाव आनेवाले दिनों में लोगों के खाने-पीने पर भी पड़ने वाला है। कुछ वैज्ञानिकों ने ऐसी खोज की है कि ग्लोबल वॉर्मिंग की वजह से बियर भी महंगी हो जाएगी। रिसर्च के अनुसार, जौ के उत्पादन में निकट भविष्य में 17 प्रतिशत तक की कमी होने का अनुमान है। इस वजह से बियर के प्राइस डबल हो जाएंगे।
बिल गेट्स के फाउंडेशन ने तैयार किया खास कॉन्डस, अनचाहे गर्भ से मुक्ति-Navbharat Times
माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक के पैसों का इस्तेमाल अब एक खास किस्म के कंडोम बनाने के लिए किया जाएगा। इस कॉन्डम की खासियत है कि सेक्स के दौरान पार्टनर से ट्रांसफर होनेवाली बीमारियों इस कंडोम के इस्तेमाल से बचा जा सकता है। अनचाहे गर्भ की टेंशन भी इस कॉन्डम की वजह से नहीं होगी क्योंकि इसमें एक खास किस्म के फैलनेवाली सामग्री का प्रयोग किया गया है। रॉयल सोसाइटी ओपन जरनल में प्रकाशित खबर के अनुसार, इस में रबर लेटेक्स का इस्तेमाल किया गया है।
चीन की सड़कें स्ट्रीट लाइट की जगह चांद की रोशनी से होंगी जगमग, जानिए क्या है वजह
चीन शहरी इलाकों में "स्ट्रीट लाइट" हटाने और बिजली पर खर्च घटाने के मकसद से 2020 तक अपना खुद का कृत्रिम चंद्रमा प्रक्षेपित करने की योजना बना रहा है। सरकारी मीडिया ने शुक्रवार को यह खबर दी। 'चाइना डेली' के मुताबिक दक्षिण पश्चिमी सिचुआन प्रांत का चेंगदु शहर "रोशनी प्रदान करने वाला उपग्रह " विकसित कर रहा है। वह वास्तविक चंद्रमा की तरह ही चमकेगा, लेकिन वह इसकी तुलना में आठ गुणा ज्यादा रोशनी देगा।
25 देशों को पछाड़कर भारत का ये राज्य बना दुनिया का पहला 100 फीसदी ऑर्गेनिक स्टेट
नॉर्थ ईस्ट के छोटे से राज्य सिक्किम ने दुनिया के मंच पर भारत का सिर ऊंचा कर दिया है। 16 मई 1975 को भारतीय गणराज्य में जुड़े इस राज्य में पिछले 25 साल से पवन चामलिंग की सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट का शासन है। 2016 में पीएम मोदी ने सिक्किम को देश का पहला ऑर्गेनिक स्टेट घोषित किया था। सिक्कम भारत का पहला ऐसा राज्य है जहां "पूर्णत: यानि 100 प्रतिशत जैविक कृषि" की जाती है।
पुणे में रचा गया नया इतिहास, देश में पहली बार गर्भाशय ट्रांसप्लांट के बाद पैदा हुई बच्ची
महाराष्ट्र के पुणे शहर में गर्भाशय ट्रांसप्लांट होने के बाद महिला की प्रसूति हुई है और उसने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया है। पुणे के गैलेक्सी केअर अस्पताल की टीम ने इस बच्ची के जन्म के बाद सेलिब्रेशन भी किया। गैलेक्सी अस्पताल के डॉक्टर शैलेश पुणतांबेकर और उनकी टीम ने पिछले साल भर में महिला मिनाक्षी का लगातार ख्याल रखा। शैलेश पुणतांबे ने जी मीडिया से बातचीत के दौरान बताया, जनवरी में मिनाक्षी का आइवीएफ ट्रीटमेंट शुरू किया गया।
आईआईटी के छात्रों ने निकाला पराली का इको-फ्रेंडली समाधान
उसी बर्बादी की हवाओं पर आईआईटी दिल्ली के छात्रों ने कामयाबी का स्टार्ट अप तैयार दिखाया है। ये कामयाबी का ऐसा फार्मूला है जिससे प्लास्टिक, प्रदूषण और पराली तीन समस्याओं का हल निकाल लिया गया है। आईआईटी दिल्ली के छात्रों ने किसानों को ना सिर्फ पराली जलाने से मुक्ति की हार दिखाई है बल्कि इससे कमाई का तरीका भी बताया है।
आईएसएस जा रहा सोयूज रॉकेट लॉन्च भार की कमी के कारण फेल-Navbharat Times
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) जा रहे एक सोयूज रॉकेट, जिसमें दो सदस्य सवार थे को आपात स्थिति में उतरना पड़ा। पहले से ही संकट से जूझ रहे रूस के अंतरिक्ष उद्योग के लिए यह एक बड़ा झटका है। अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री निक हेग और रूसी अंतरिक्ष यात्री एलेक्सी ओवचीनिन को में रॉकेट से सुरक्षित निकाला गया।
आपात स्थिति में उतरने के बाद सोयुज रॉकेट के दोनों अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए रवाना हुए एक सोयुज रॉकेट के चालक दल के दो सदस्यों को गुरुवार को आपात स्थिति में उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा और वे सुरक्षित बताए जा रहे हैं। इंटरफैक्स समाचार एजेंसी की खबर के मुताबिक नासा के सदस्य निक हेग और रूसी अंतरिक्ष एजेंसी के एलेक्सी ओवचिनिन कजाखस्तान में आपात स्थिति में उतरे। रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रॉसकॉसमॉस ने ट्विटर पर लिखा, आपात बचाव प्रणाली ने काम किया, यान कजाखस्तान में उतरने में सफल रहा।
कृत्रिम बुद्धिमता पद्धति से अल्जाइमर का पता पांच साल पहले ही लगाना संभव-Navbharat Times
कनाडा वैज्ञानिकों ने ऐसा कृत्रिम बुद्धिमता (एआई या आर्टिफिशल इंटेलिजेंस एल्गोरिद्म तैयार किया है जिससे के इलाज में मदद मिल सकेगी। इसके जरिए यह पता लगाया जा सकता है कि व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता में कमी के कारण अगले पांच साल में उसे अल्जाइमर होने का खतरा तो नहीं है। में यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो के शोधकर्ताओं ने ऐसा एल्गोरिद्म तैयार किया है जो मैग्नेटिक रेसोनेंस इमेजिंग (एमआरआई), जेनेटिक्स और क्लिनिकल डेटा से मिले संकेतों को समझता है।
एचआईवी से संक्रमित मां का लिवर बच्चे को प्रत्यारोपित, दोनों स्वस्थ-Navbharat Times
दक्षिण अफ्रीका के चिकित्सकों ने गंभीर रूप से बीमार एक बच्चे को बचाने के लिए से संक्रमित उसकी मां के लिवर के एक हिस्से को प्रत्यारोपित किया। चिकित्सकों ने निष्कर्ष निकाला कि विषाणु के मां से बच्चे में फैलने का खतरा कम था जबकि उसकी जान बच सकने की संभावना बहुत ज्यादा थी। जोहान्सबर्ग के विट्स डॉनल्ड गोर्डन मेडिकल सेंटर की टीम के मुताबिक मां और बच्चा दोनों 2017 में हुए इस के बाद से स्वस्थ हैं।
अंतरिक्ष में रहने के लिए बने रोगाणुओं का बचाव कर सकते हैं स्पेससूट्स-Navbharat Times
अमेरिका वैज्ञानिकों ने जीवाणुओं के लिए स्पेससूट विकसित किए हैं जो उन्हें में जीवित रहने में मददगार साबित हो सकते हैं। इसके साथ ही उसे ऐसे रसायनों में बदल देता है जिसका इस्तेमाल उद्योग में या भविष्य में अंतरिक्ष की कॉलोनियों में हो सकता है। के बर्कले में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफॉर्निया के अनुसंधानकर्ताओं द्वारा विकसित यह प्रणाली पौधों में प्रकाश संश्लेषण का अनुकरण करती है।
दूषित तेल को साफ करने में हरे आम का छिलका हो सकता है मददगार, वैज्ञानिकों ने खोजा तरीका
वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि हरे आम के छिलकों से निकाले गए सूक्ष्म कणों का इस्तेमाल प्रदूषित मिट्टी से तेल की गाद हटाने में किया जा सकता है। हरे आम के छिलके से निकाले गए नये सूक्ष्मकण प्रदूषित मिट्टी के एक अनूठा और प्रभावी उपचार मुहैया कर सकते हैं। यह रसायनिक आक्सीकरण के जरिये तेल के कीचड़ के विषैले तत्वों को खत्म करने का काम करते हैं।
मकान निर्माण में बालू के बजाय किया जा सकता है प्लास्टिक का इस्तेमाल : रिसर्च-Navbharat Times
भारत में हर साल बड़ी मात्रा में प्लास्टिक का कचरा निकलता है जिसका फिर से इस्तेमाल नहीं होता। अब एक अध्ययन के अनुसार निर्माण कार्य में बालू के बजाय प्लास्टिक का आंशिक तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है और यह देश में सतत निर्माण कार्य के लिए एक संभावित समाधान है। इसके अलावा, इसे सार्थक बनाने के लिए प्लास्टिक की उचित मात्रा का इस्तेमाल करना था। निर्माण के कुछ क्षेत्रों में यह सामग्री काम की है।
बुद्धिमान लोग अक्‍सर देर से सोते हैं, अभद्र भाषा का करते हैं इस्‍तेमाल
क्‍या आप देर से सोने जाते हैं? क्‍या आप बाकियों की तुलना में अभद्र शब्‍दों का अधिक इस्‍तेमाल करते हैं? हो सकता है कि इसकी वजह से घर-बाहर आपकी आलोचना होती हो लेकिन एक नए शोध में यह दावा किया गया है कि बात कुछ और है। दरअसल एक रिसर्च में यह दावा किया गया है कि इस तरह के लोग आमतौर पर ईमानदार और बुद्धिमान होते हैं। इस शोध में यह भी कहा गया कि ये लोग थोड़ा बेतरतीब ढंग से जीते हैं।
आनुवांशिक कारणों से होती है समलैंगिकता: वैज्ञानिक-Navbharat Times
नए साक्ष्य से संकेत मिलते हैं कि समलैंगिक व्यवहार आनुवांशिक प्रभावों से नियंत्रित होते हैं और लोग विपरीत लिंगियों की तुलना में काफी कम प्रजनन करते हैं। ऐसे में दुनिया भर के वैज्ञानिक इस सवाल पर मंथन कर रहे हैं। पर्यावरणीय कारक समलिंगी शारीरिक लक्षणों की अभिव्यक्ति में भूमिका निभाते हैं, जबकि वैज्ञानिकों का कहना है कि उनका प्रभाव इतना ज्यादा नहीं है कि कोई विपरीतलिंगी जीव समलैंगिक हो जाए।
कैंसर का पता लगाने वाला लंच बॉक्स के आकार का उपकरण विकसित-Navbharat Times
आनेवाले वक्त में कैंसर का पता लगाना आसान होगा। इसकी वजह है वैज्ञानिकों द्वारा की गई लंच बॉक्स के साइज वाली नई खोज। दरअसल, वैज्ञानिकों ने कैंसर का पता लगाने वाला एक उपकरण विकसित किया है जो कि एक लंच बॉक्स के आकार का है। इसका इस्तेमाल विश्व के दूरदराज वाले इलाकों के इस बीमारी का त्वरित और सटीक तरीके से पता लगाने में किया जा सकता है। कापोसी सारकोमा (केएस) एक तरह का कैंसर होता है जो रक्त वाहिकाओं में होता है।
सौतेले बच्चों की हत्या की सिंड्रेला इफेक्ट थिअरी मिथक: अध्ययन-Navbharat Times
मनोवैज्ञानिकों लंबे समय से यह धारणा बनी हुई है कि बच्चों की मौत के लिए आनुवंशिक अभिभावकों की तुलना में ज्यादा जिम्मेदार होते हैं। एक नए अध्ययन से पता चला है कि यह धारणा मिथक साबित हो सकती है। ब्रिटेन के यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट एंगिलिया के अनुसंधानकर्ताओं ने इस ओर इशारा किया है कि सौतेले पिता और आनुवंशिक पिता द्वारा की गई बच्चों की हत्याओं की दरों में मामूली अंतर है।
नासा की नई साइट लॉन्च, बता रहे अंतरिक्ष की तकनीक से रोजमर्रा की जिंदगी कैसे बदली-Navbharat Times
अंतरिक्ष तकनीक से कैसे बदला आपका घर, बता रहा नासा अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने एक इंटरैक्टिव वेबसाइट लॉन्च की है। इस साइट के जरिए यूजर जान सकेंगे कि कैसे अंतरिक्ष के क्षेत्र में काम करने वाली एजेंसी ने लोगों के जीवन को बदला। रोजमर्रा के जीवन में काम आनेवाली चीजें जैसे वॉटर प्यूरिफायर और सेल्फी कैमरा को बेहतर बनाने में अंतरिक्ष तकनीक ने मदद की। ऐसे कई और रोचक तथ्य इस वेबसाइट पर बहुत सरल तरीके से समझाया गया है।
एस्प्रिन से नहीं कम होता दिल का दौरा पड़ने का खतरा: अध्ययन-Navbharat Times
दिल का दौरा बुजुर्गों एक नए शोध में पता चला है कि रोजाना एस्प्रिन की खुराक लेने से पड़ने का खतरा कम नहीं होता। गौरतलब है कि एस्प्रिन का इस्तेमाल दर्द निवारक के रूप में 16वीं शताब्दी से किया जा रहा है। न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित तीन अध्ययनों के मुताबिक 70 साल के अपेक्षाकृत स्वस्थ को प्रतिदिन एस्प्रिन की हल्की डोज (100मिलीग्राम) देने के बावजूद उनमें दिल का दौरा पड़ने का खतरा कम नहीं हुआ।
बचपन में परासिटामोल लेने वाले बच्चों को किशोरावस्था में होता है दमे का खतरा-Navbharat Times
वैज्ञानिकों ने कहा है कि यदि बच्चों को उनके जीवन के शुरुआती दो वर्षों में बुखार आने पर परासिटामोल दवा दी जाती है, तो 18 साल की उम्र तक आते-आते उन्हें दमा होने का खतरा बढ़ जाता है। शोधार्थियों ने कहा है कि परासिटामोल खाने से दमा होने का खतरा उन लोगों में ज्यादा है, जिनमें जीएसटीपी1 जीन होती है।

Want to stay updated ?

x

Download our Android app and stay updated with the latest happenings!!!


90K+ people are using this